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Thursday, June 18, 2026
CBSE chhatra mang rahe ‘physical cheking’, shiksha mantri bole- rashtriya star par ho raha OSM ka istemaal
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CBSE chhatra mang rahe ‘physical cheking’, shiksha mantri bole- rashtriya star par ho raha OSM ka istemaal

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CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कई छात्र और अभिभावक अब डिजिटल चेकिंग की जगह पुरानी फिजिकल चेकिंग व्यवस्था को वापस लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने OSM का समर्थन करते हुए कहा कि यह एक प्रोग्रेसिव और स्टूडेंट-सेंट्रिक सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल दुनिया के कई संस्थानों में किया जा रहा है।

CBSE के लाखों छात्र पिछले कई दिनों से अपनी कॉपियों की जांच को लेकर सवाल उठा रहे हैं। बोर्ड के री-इवैल्युएशन प्रोसेस के तहत अब तक 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी कॉपियों की दोबारा जांच के लिए आवेदन किया है।

छात्रों के हित में है OSM: शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि CBSE की परीक्षा में करीब 17 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। इन छात्रों की कुल 98 लाख कॉपियां थीं, जिनके लगभग 40 करोड़ पेज स्कैन किए गए। उन्होंने बताया कि पहली बार CBSE ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि OSM एक आधुनिक और पारदर्शी व्यवस्था है। इससे छात्रों को अपनी मार्किंग के बारे में ज्यादा साफ जानकारी मिल सकती है। स्कैन कॉपी के जरिए विद्यार्थी यह देख सकते हैं कि उनकी कॉपी की जांच कैसे हुई और कहां-कहां नंबर दिए गए।

गड़बड़ियों की जिम्मेदारी ली जाएगी: प्रधान

शिक्षा मंत्री ने माना कि पहली बार इस सिस्टम को लागू करने के दौरान कुछ विसंगतियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं की जिम्मेदारी ली जाएगी और समाधान निकाला जाएगा।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र की शिकायत या जिज्ञासा को बिना समाधान के नहीं छोड़ा जाएगा। शिक्षा मंत्री के मुताबिक, यह पारदर्शिता और क्वालिटी से जुड़ा विषय है, जिसमें सुधार की पूरी संभावना है।

कई एजेंसियों की ली जा रही मदद

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि 40 करोड़ पेज की चेकिंग के बाद करीब 4 लाख छात्र री-इवैल्युएशन के लिए वापस आए हैं। इन छात्रों की लगभग 11 लाख कॉपियां दोबारा जांच के दायरे में हैं।

उन्होंने कहा कि CBSE ने इस काम में कई अच्छी एजेंसियों को शामिल किया है। भारत सरकार की टेक्नोलॉजी को सर्टिफाई करने वाली एजेंसी भी इस प्रक्रिया में काम कर रही है, ताकि गड़बड़ियों को दूर किया जा सके।

राहुल गांधी के आरोपों पर शिक्षा मंत्री का जवाब

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग का ठेका उस कंपनी को दिया गया, जिस पर पहले तेलंगाना की परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे थे।

इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि CBSE इस मामले में पहले ही जवाब दे चुका है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के नियमों के तहत ही कंपनी को टेंडर दिया गया था। अगर कहीं भी गड़बड़ी पाई जाती है, तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

OSM को लेकर क्यों हो रहा विवाद?

CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर विवाद 12वीं के रिजल्ट के बाद शुरू हुआ। कई छात्रों ने कम नंबर मिलने की शिकायत की। इसके बाद जब स्कैन कॉपियां डाउनलोड हुईं, तो कई जगह खराब स्कैनिंग की समस्या सामने आई।

कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्हें किसी और की कॉपी मिल गई, जबकि कई मामलों में आंसर शीट के पन्ने गायब बताए गए। इन शिकायतों के बाद छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा बढ़ गया है और अब वे OSM सिस्टम को हटाकर फिजिकल चेकिंग की मांग कर रहे हैं।

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