मॉनसून से पहले दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, यूपी में तेज आंधी की आशंका; पंजाब-हरियाणा से राजस्थान तक मौसम बदलेगा
monsoon se pehle delhi-ncr mein jhamajham barish, up mein tej aandhi ki aashanka; panjab-hariyana se rajasthan tak mausam badlega
दिल्ली: उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच मौसम अब करवट लेने जा रहा है। भले ही दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अभी केरल तट तक नहीं पहुंचा हो, लेकिन उससे पहले ही बारिश और आंधी का दौर पूरे उत्तर भारत में शुरू होने वाला है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन दिनों के लिए दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है। वहीं मैदानी राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू होगा।
दिल्ली-NCR से यूपी तक तेज आंधी-बारिश का अलर्ट
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, बागपत और हापुड़ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 28 से 31 मई के बीच हल्की से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल में 29 मई को तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
कहां-कब होगी बारिश? जानिए पूरा अपडेट
- उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: 28 से 30 मई तक बारिश
- हिमाचल प्रदेश: 28 और 29 मई को बारिश और तेज हवाएं
- दिल्ली, पंजाब, हरियाणा: 28 से 31 मई तक बारिश का दौर
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: 28 से 31 मई के बीच बारिश और आंधी
- राजस्थान: 28-29 मई को तेज हवाओं के साथ बारिश
- मध्य प्रदेश और गोवा: 29 मई तक बारिश
- महाराष्ट्र: 26 से 28 मई तक बारिश
- गुजरात: 30 मई से 1 जून तक मौसम खराब रहने के आसार
- बिहार और ओडिशा: 26 से 30 मई के बीच आंधी-बारिश
- झारखंड: अगले एक हफ्ते तक रेन अलर्ट
- मुंबई और केरल: 28-29 मई तक बारिश की संभावना
मॉनसून की एंट्री में देरी
IMD के अनुसार, इस बार मॉनसून सामान्य तारीख 1 जून तक केरल नहीं पहुंच पाया है। अब इसके 2 से 3 जून के बीच केरल पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पूर्व अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
पिछले साल मॉनसून 24 मई को ही केरल पहुंच गया था, जो सामान्य से करीब 8 दिन पहले था। वहीं इस बार इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी देखी जा रही है।
क्या इस साल कम होगी बारिश?
भारत मौसम विभाग के लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) अनुमान के मुताबिक, जून से सितंबर के बीच देश में सामान्य से करीब 8 फीसदी कम बारिश हो सकती है। IMD ने इस बार पूरे मॉनसून सीजन में LPA का लगभग 92 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो की स्थिति बनने से अगस्त और सितंबर में मॉनसून कमजोर पड़ सकता है। हालांकि जून और जुलाई में बारिश सामान्य रहने की संभावना है।
खेती पर क्या पड़ेगा असर?
भारत की कृषि व्यवस्था काफी हद तक मॉनसून पर निर्भर करती है। खरीफ फसलों की बुवाई मुख्य रूप से जून और जुलाई में होती है। मौसम विभाग का मानना है कि शुरुआती मॉनसून सामान्य रहने से फसलों की बुवाई पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
मॉनसून क्या है?
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक मौसमी पवन प्रणाली है, जो जून से सितंबर तक भारत में भारी बारिश लेकर आती है। देश की कुल सालाना बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा मॉनसून से ही मिलता है। केरल मॉनसून का पहला प्रवेश द्वार माना जाता है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता है।
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